गढ़वाल समाज महासभा का दो दिवसीय स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय महाअधिवेशन 28 फरवरी से ।।विजय रजक

लालबर्रा/ अखिल भारतीय गढ़वाल समाज महासभा द्वारा दो दिवसीय स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय महाअधिवेशन का भव्य आयोजन 28 फरवरी एवं 1 मार्च को नूतन कला निकेतन, बालाघाट में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु महासभा के पदाधिकारियों एवं विभिन्न मंडलों के अध्यक्षों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। महाअधिवेशन का शुभारंभ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रविन्द्र नागेश्वर, राष्ट्रीय सचिव श्री पिताम्बर नागेश्वर तथा कोषाध्यक्ष श्री प्रदीप सिंह खरे सहित अन्य पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा।
28 फरवरी दिन शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन से होगा। इसके पश्चात दोपहर 1 बजे गढ़वाल समाज की पारंपरिक झांकियों के साथ नगर भ्रमण आयोजित किया जाएगा, जो समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आकर्षक प्रदर्शन होगा। दोपहर 3 बजे अतिथियों का उद्बोधन होगा, जिसमें समाज के विकास, संगठन की भूमिका एवं भावी योजनाओं पर विचार व्यक्त किए जाएंगे। इसके बाद शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 5 बजे स्थापना दिवस समारोह का औपचारिक समापन होगा। रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक महिला प्रकोष्ठ द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके साथ ही रात्रि 10 बजे प्रथम दिवस का समापन होगा।
1 मार्च दिन रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11 बजे मां सरस्वती की पूजा एवं दीप प्रज्ज्वलन से होगी। इसके पश्चात महासभा के कोषाध्यक्ष द्वारा आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा तथा अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। साथ ही महासचिव द्वारा कार्यकारिणी के प्रस्तावों पर चर्चा एवं अनुमोदन किया जाएगा। सामाजिक विषयों, संगठन के सुदृढ़ीकरण एवं समाज के उत्थान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। अन्य विषयों पर भी अध्यक्ष महोदय की अनुमति से चर्चा की जाएगी। महासभा के राष्ट्रीय सचिव श्री पिताम्बर नागेश्वर एवं समस्त पदाधिकारियों ने समाज के सभी सदस्यों एवं नागरिकों से इस महाअधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। यह आयोजन समाज की एकता, सांस्कृतिक गौरव एवं संगठनात्मक सुदृढ़ता का प्रतीक बनेगा।




