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श्रीराम मंदिर में 1 जनवरी से प्रारंभ श्री शिवपुराण कथा का 7 जनवरी को पूजन हवन एवं भंडारे के पश्चात समापन हुआ।

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श्रीराम मंदिर में 1 जनवरी से प्रारंभ श्री शिवपुराण कथा का 7 जनवरी को पूजन हवन एवं भंडारे के पश्चात समापन हुआ।


वारासिवनी नगर के श्री राम मंदिर में श्री सकल समाज महिला मण्डल के तत्वाधान में नव वर्षों के अथक प्रयास से १ जनवरी से नववर्ष के अवसर पर संगीतमय श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया
गया था जिसका समापन 7 जनवरी हवन पूजन एवं भंडारा के पश्चात किया गया इस अवसर पर सकल समाज महिला मंडल ने बताया कि जिसमें प्रथम दिन भव्य कलश शोभा यात्रा निकल गई ,श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथावाचक पूज्य गुरुदेव अन्तराष्ट्रीय कथा वाचक रामकृपाल त्रिपाठी के द्वारा व्यास आसन पर विराजीत होकर अपनी रसमयी ललित अमृत वाणी द्वारा सभी भक्तो को जीवन उध्दारक कथा सुनाई गई शिवपुराण कथा दोपहर ३ बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की गई थी महाराज जी ने भगवान शिव से जुड़े प्रत्येक प्रसंग को सुनाया। कथा व्यास जी ने ज्योतिर्लिंगों की स्थापना के विषय में भी विस्तार से भक्तों को बताया। अंतिम दिन हवन में तमाम लोगों ने आहुति दी और भंडारे में सैकड़ो लोगों ने अपनी सहभागिता की। विदित है कि वृंदावन से पधारे पुज्यनीय अंतरराष्ट्रीय कथाकार श्री राम कृपाल त्रिपाठी जी ने अंतिम दिन की कथा सुनाते हुए भक्तों से कहा कि शिव के महात्मय से ओत-प्रोत यह पुराण शिव महापुराण के नाम से प्रसिद्ध है।

भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं। इनका एक नाम भोला भी है। अपने नाम के अनुसार ही बड़े भोले-भाले एवं शीघ्र ही प्रसन्ना होकर भक्तों को मनवाँछित फल देने वाले हैं। कथावाचक पंडित त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं से कहा कि धार्मिक आयोजनों में भावनाएं होनी जरूरी है। सगुण, साकार सूर्य, चंद्रमा, जल, पृथ्वी, वायु यह एक शिव पुराण का स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि अपने चारों ओर सदैव वातावरण शुद्ध रखें। जहां स्वच्छता और शांति होती है, वहां देवताओं का वास होता है। जल,वायु, पेड़ एक चेतन से लेकर जड़ चेतन में आकर एक-दूसरे के सहायक बनते हैं। जहां अधार्मिकता बढ़ जाती है और कर्म को भूल जाते हैं, वहां शिव और शक्ति दोनों नहीं होते।शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव ही मनुष्य को सांसारिक बन्धनों से मुक्त कर सकते हैं, शिव की भक्ति से सुख व समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। कहा कि इस अलौकिक शिवपुराण की कथा सुनना अर्थात पाप से विमुक्त होना है। आयोजित शिव महापुराण में कथा को सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुचे। कथा सार सुनकर श्रोता झूम उठे।शिवपुराण के कथा वाचक पंडित रामकृपाल त्रिपाठी जी ने शिव महापुराण कथा का सार बताया। उन्होंने कहा कि अपने अभिमान में चूर होकर दक्ष प्रजापति ने कनखल में यज्ञ किया। इसमें सभी देवों व ऋषि मुनियों को आमंत्रित कर उन्होंने भगवान शिव की उपेक्षा की। इसकी सूचना सती को अपनी सहेलियों से मिली, इसके बाद शिव के समझाने के बाद भी वे यज्ञ में पहुंच गई। वहां देखा कि भगवान शिव का अपमान हो रहा है। पूछने पर राजा दक्ष ने सती का भी अपमान किया। नाराज सती ने यज्ञ कुंड में ही अपना शरीर त्याग दिया। यह जानकारी जब शिव को हुई,तब वे रौद्र रूप में आ गए और उन्होंने अपने गणों की मदद से कनखल को तबाह कर दिया। कथा के इस प्रसंग को सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। अंतिम दिन ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की दीदी, विधायक विवेक पटेल ,राहुल प्रियंका गांधी विचार मंच के जिला अध्यक्ष जावेद अली वारिस्ठ नागरिक मंच के सदस्य गण,पूर्व पार्षद विवेक एड़े ,अन्य गणमान्यन नागरिकों ने कथाकार राम कृपाल त्रिपाठी जी का स्वागत किया एवं आशीर्वाद प्राप्त किया वही शिव शंकर गंगेले जी द्वारा रचित पुस्तक संनातन ज्ञानअमृत का विमोचन भी पंडित जी द्वारा किया गया कथा के बीच में पंडित जी के जन्मदिवस की के अवसर पर सकल महिला मंडल के द्वारा उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं देकर दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई अंतिम दिन *विधायक विवेक पटेल ने अपने* उद्बोधन में कहा कि सकल समाज महिला मंडल द्वारा पहले भागवत का आयोजन किया गया था एवं इस वर्ष शिव पुराण कथा का आयोजन किया गया है या अत्यंत सराहनीय कार्य है एवं कथाकार पंडित जी बहुत विद्वान है उन्होंने जो प्रसंग सुनाया कि भगवान राम सुग्रीव की जगह बाली को चुनते रावण जानकी जी को स्वयं ही छोड़ देता लेकिन भगवान राम ने सुग्रीव को चुना श्री पटेल ने कहा कि भगवान राम रावण का वध स्वयं कर सकते थे लेकिन उन्होंने सुग्रीव को चुन कर उन्हें राजा बनाया वानर,सभी का साथ लेकर रावण का वध किया तभी वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाए हम चाहते कि महाराज जी बार-बार हमारे वारासिवनी क्षेत्र में आए हमें संतों का सानिध्य मिलते रहे यही मैं आशा करता हूं *राहुल प्रियंका गांधी विचार मचं के जिला अध्यक्ष जावेद अली ने* सकल महिला मंडल समाज द्वारा आयोजित शिव पुराण कथा की प्रशंसा करते हुए कहा सकल समाज महिला मंडल द्वारा जो कथा यहां पर आयोजित की गई है और जो धर्म के मार्ग पर चल रहे हैं अत्यंत सराहनीय है इस समिति द्वारा नव वर्षों की मेहनत के कारण आज यह कथा सुनने मिल रही है मैं सभी को नए वर्ष की बधाई देकर महाराज जी से वारासिवनी क्षेत्र के लिए प्रार्थना करने की विनती करता हूं इस शिव पुराण कथा में मुख्य यजमान रवि झा एवं पूनम झा रहे शिव शंकर गगेंले जी ने महाराज जी के ऊपर लिखे अभिनंदन पत्र को पड़ा जिसकी सभी ने सराहना की अंत में श्रीमती पूनम झा ने इस आयोजन में सहयोग करने के लिए सभी श्रद्धालु और भक्तों का आभार व्यक्त किया इस आयोजन को सफल बनाने में संध्या पटेल,रजनी मोदी,प्रीती शर्मा,पुष्पा शर्मा ,सुनीता सोनी,उमा आले ,सुनंदा आले ,ऊषा अरोरा
सुषमा जोगी,राधिका खाडेलवाल,सिखा रूसिया,नंदा रूसिया,वैशाली डहरवाल, रेखा खांडेलवाल,अनु अग्रवाल,स्वाति वर्मा ,रेखा रूसिया,सुधा वर्मा,रेखा चौधरी,बबिता आग्रवाल,अलपा जोगी रुपाली जैन, एवं दिलीप शर्मा,राकेश जुझार जी का सहयोग रहा

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