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सौ वर्षो के बाद आखिर प्रदीप जायसवाल के प्रयासो से एसडीएम कार्यालय को मिल गया सर्वसुविधायुक्त चमचमाता नवीन भवन। तात्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 22 फरवरी 2023 को एसडीएम भवन निर्माण कार्य के लिये किया गया था भूमीपूजन।

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सौ वर्षो के बाद आखिर प्रदीप जायसवाल के प्रयासो से एसडीएम कार्यालय को मिल गया सर्वसुविधायुक्त चमचमाता नवीन भवन।

तात्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 22 फरवरी 2023 को एसडीएम भवन निर्माण कार्य के लिये किया गया था भूमीपूजन।

वारासिवनी। पिछले 100 वर्षो से अधिक समय से तहसील कार्यालय में संचालित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व दंडाधिकारी कार्यालय को नये वर्ष में आखिरकार स्वयं का भवन मिल ही गया। नये वर्ष के अवसर पर एसडीएम वारासिवनी का पूरा स्टाफ अब तहसील कार्यालय के बाजू में बने हुए नवीन भवन में शिफ्ट हो गया है। जिससे अब पक्षकारों को अपनी समस्याओं को लेकर एसडीएम से मिलने में आसानी हो रही है और कार्यालय में बाबूओं को भी काम करने में आसानी महसुस होते देखी जा रही है।
इस नये भवन को कर्मचारियों द्वारा फूल मालाओं व गुब्बारे से सजाया गया था। नवीन भवन में प्रवेश के पहले एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल द्वारा विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई और फीता काट कर भवन में प्रवेश किया गया। भवन में प्रवेश के बाद कर्मचारियों द्वारा एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल का पुष्प गुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।


अंग्रेजों के समय में निर्मित तहसील कार्यालय में लगता था एसडीएम कार्यालय
विदित हो कि वारासिवनी नगर में अंग्रेजों के शासन काल में शासकीय चिकित्सालय के सामने तहसील कार्यालय भवन का निर्माण किया गया था। इस भवन में एसडीएम सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक व राजस्व निरीक्षक के कार्यालय संचालित हो रहे है। इसी भवन में ट्रेजरी सहित सुनवाई के लिए लाने वाले लोगों को भी रखने के लिए हवालात बने हुए है।


22 फरवरी 2023 को तात्कालिन विधायक प्रदीप जायसवाल के प्रयासो से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज चैहान ने किया था भूमिपूजन
एक ही स्थान पर सभी कार्यालय संचालित होने से कई बार एसडीएम कार्यालय में कार्य करने में परेशानी उठानी पड़ती थी। जिसको ध्यान में रखते हुए प्रदेश शासन ने तहसील कार्यालय के बगल की खाली भूमि पर एसडीएम कार्यालय के लिए भवन निर्माण का निर्णय लिया था। जिसके लिए तात्कालिन विधायक प्रदीप जायसवाल के सफल प्रयासो से अक्टूबर 2022 को इस कार्य की स्वीक्रती और उसके बाद 131 लाख रुपये की लागत तय कर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 22 फरवरी 2023 को प्रदेश तत्कालीन राज्य मंत्री आयुष स्वतंत्र प्रभार व जल संसाधन विभाग की अध्यक्षता, गोविंद सिंह राजपूत मंत्री राजस्व एवं परिवहन, हरदीप सिंह डंग मंत्री नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर्यावरणीय व प्रभारी मंत्री बालाघाट, गौरीशंकर बिसेन अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रमुख आतिथ्य तथा डॉ ढालसिंह बिसेन सांसद बालाघाट-सिवनी, प्रदीप जायसवाल विधायक वारासिवनी, सम्राट सिंह सरस्वार अध्यक्ष जिला पंचायत बालाघाट, श्रीमती माया उइके अध्यक्ष जनपद पंचायत वारासिवनी व श्रीमती सरिता मनोज दांदरे अध्यक्ष नगरपालिका वारासिवनी के विशिष्ट आतिथ्य में निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। जिसके बाद भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और लगभग 2 वर्षो में यह भवन बनकर तैयार हो गया।
पूरी व्यवस्था के बाद एक जनवरी 26 से लगने लगा है एसडीएम कार्यालय
जिसके बाद से इस भवन को कार्यालय का रुप प्रदान करने के लिए एसडीएम का कोर्ट रुम, एसडीएम कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, स्टेनो कक्ष, जनता सुविधा कक्ष, बैठक कक्ष सहित आने वाले पक्षकारों के बैठने की व्यवस्था के लिए कुर्सियों आदि की व्यवस्था कर भवन को सजाने संवारने का कार्य चल रहा था। इन सभी कार्यो के पूर्ण होने के बाद नव वर्ष 2026 की सुबह 11 बजे एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल व संपूर्ण स्टाफ द्वारा विधिवत भवन में प्रवेश कर कार्य प्रारंभ किया गया। इस दौरान वारासिवनी तहसीलदार वंदना कुशराम, खैरलांजी तहसीलदार छवि पंत, नायब तहसीलदार खैरलांजी दुलारेलाल परते, स्टेनो पंकज गजभिये, बाबू गुड्डू ठाकरे, पीयूष नेवारे, लिल्हारे बाबू सहित पूरा स्टाफ उपस्थित भी रहा।

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