ब्लैकमेलिंग का बड़ा खुलासा: तिरोड़ी पुलिस की तत्परता से आरोपी गिरफ्तार।

तिरोड़ी थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग के एक गंभीर मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। प्रार्थी द्वारा थाना में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें बताया गया कि मोबाइल नंबर 9516721898 से दिनांक 17/12/2026 को उसके मोबाइल नंबर 9630883351 पर व्हाट्सएप मैसेज, कॉल एवं एसएमएस के माध्यम से उसकी प्रेमिका के साथ का कथित अश्लील वीडियो का स्क्रीनशॉट भेजकर ₹5,00,000 की फिरौती मांगी गई।
प्रार्थी ने बताया कि रकम नहीं देने की स्थिति में आरोपी द्वारा उसकी पत्नी एवं प्रेमिका के घर जाकर जानकारी देने की धमकी दी गई, साथ ही अश्लील गालियां भी दी गईं। डर के कारण प्रार्थी ने पैसे के इंतजाम के लिए समय मांगा, इसी दौरान दिनांक 02/01/2026 को थाना तिरोड़ी में अपराध क्रमांक 02/26, धारा 308(2), 3/5 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी द्वारा लगातार पैसे लाकर देने का दबाव बनाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तिरोड़ी थाना के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर एक विशेष टीम गठित की गई। प्रार्थी एवं गवाहों के साथ पुलिस टीम अलग-अलग वाहनों में आरोपी की बताई लोकेशन पर वाघोली थाना क्षेत्र, कनान जिला नागपुर पहुंची।
बताई गई जगह पर आरोपी अपनी मोटरसाइकिल के साथ खड़ा मिला। प्रार्थी ने उससे वीडियो डिलीट करने और पैसे देने की बातों में उलझाए रखा, तभी पुलिस ने रेट कॉल पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा। प्रार्थी और गवाहों ने उसकी पहचान की, जिससे आरोपी की पहचान हर्षल मेश्राम, निवासी तिरोड़ी, पिता दिलीप मेश्राम के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने दोस्त रजत राठी के मोबाइल नंबर 9516721898 से ओटीपी लेकर अपने मोबाइल नंबर 9329123193 पर व्हाट्सएप चलाया और उसी व्हाट्सएप से प्रार्थी को ब्लैकमेल किया। पुलिस ने आरोपी के पास से S24 अल्ट्रा मोबाइल फोन एवं एक मोटरसाइकिल जब्त की।
आरोपी ने यह भी बताया कि उसने प्रार्थी का वीडियो स्क्रीनशॉट अपने पिता दिलीप मेश्राम को भेजा था। दिलीप मेश्राम द्वारा दिनांक 22/12/2025 को चांदनी चौक स्थित एक गिफ्ट दुकान पर प्रार्थी को बुलाकर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई और पैसे की मांग की गई। इसके बाद पिता को भी थाने तलब किया गया, जहां पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया, तथा पिता का मोबाइल भी जब्त किया गया।
मामले में एक नाबालिग (औपचारिक बालक) की भूमिका भी सामने आई, जिसने वीडियो उपलब्ध कराने और ₹5 लाख की मांग में शामिल होने की बात स्वीकार की। नाबालिग होने के कारण उसे पिता की उपस्थिति में थाने बुलाया गया और उसका मोबाइल भी जब्त किया गया।
पुलिस ने सभी आरोपियों एवं संबंधित व्यक्तियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। तिरोड़ी पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा है।




