Home » मध्य प्रदेश » सुलभ शौचालय बदहाल अतिक्रमण जस का तस। कार्रवाई के दावे हुए खोखले जमीनी हकीकत शून्य।

सुलभ शौचालय बदहाल अतिक्रमण जस का तस। कार्रवाई के दावे हुए खोखले जमीनी हकीकत शून्य।

Share:

सुलभ शौचालय बदहाल अतिक्रमण जस का तस।

कार्रवाई के दावे हुए खोखले जमीनी हकीकत शून्य।

दैनिक पंचायती राज सूरज सिंह।

सिंगरौली जिले अन्तर्गत चितरंगी क्षेत्र के व्यस्त बाजार में दुकानों के बीच स्थित सुलभ शौचालय को लेकर उठे सवालों के बावजूद अब तक कोई भी ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है शौचालय न तो नियमित रूप से संचालित है, न ही साफ-सफाई की व्यवस्था है और न ही उसके चारों ओर फैले अतिक्रमण को हटाया गया है। हालात ऐसे हैं कि जिस सुलभ शौचालय को आम जनता की सुविधा के लिए बनाया गया था, वही आज खुद बदहाली का शिकार है स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से यह शौचालय या तो बंद रहता है या इतनी गंदगी में तब्दील हो चुका है कि उपयोग करना नामुमकिन है। इसके बावजूद आसपास फल-सब्जी की दुकानों का अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था के बीच बाजार आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है हैरत की बात यह रही कि प्रशासन द्वारा हाल ही में ‘कार्रवाई’ किए जाने की बात कही गई, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह जस की तस बनी हुई है। न तो दुकानों को हटाया गया, न ही शौचालय को चालू कराने की कोई पहल हुई। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर कार्रवाई किस पर और किसके लिए की गई?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की सक्रियता केवल दिखावे तक सीमित है मौके पर न कोई स्थायी समाधान किया गया और न ही भविष्य की कोई ठोस योजना बताई गई यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सुलभ शौचालय सिर्फ नाम का ही रह जाएगा नागरिकों ने मांग की है कि शौचालय को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, नियमित सफाई व्यवस्था बहाल हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि बाजार क्षेत्र में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की बहाली हो सके।

Leave a Comment