हॉक फोर्स मुख्यालय कनकी में भव्य सैनिक सम्मेलन,
बालाघाट नक्सल मुक्त घोषित।

लगभग 35 वर्षों तक नक्सल समस्या से जूझने के बाद बालाघाट जिले ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। माह दिसंबर 2025 में सभी सक्रिय नक्सलियों द्वारा शासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की प्रतिबद्धता व्यक्त किए जाने के पश्चात जिले को नक्सल मुक्त घोषित किया गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में हॉक फोर्स मुख्यालय कनकी में एक भव्य सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।

यह आयोजन पुलिस अधीक्षक बालाघाट एवं सेनानी हॉक फोर्स के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्पेशल डीजी (नक्सल अभियान) श्री पंकज कुमार श्रीवास्तव (भा.पु.से.) रहे। सम्मेलन में नक्सल उन्मूलन अभियान में योगदान देने वाले जवानों के सम्मान के साथ-साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सामूहिक भोज (बड़ा खाना) का आयोजन किया गया, जिसमें 123 बटालियन के अधिकारी एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान 123 बटालियन सीआरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक श्री ओमप्रकाश यादव एवं सिपाही श्री प्रवीण भाई द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने पूरे माहौल को देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया और उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बालाघाट जिले के नक्सल मुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर स्पेशल डीजी द्वारा नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें सीआरपीएफ की ओर से श्री देवेंद्र प्रसाद दुबे (सेकेंड इन कमांड, 123 बटालियन), श्री तनवीर जमाल (सेकेंड इन कमांड), श्री प्रमोद कुमार यादव (सेकेंड इन कमांड, 148 बटालियन) तथा श्री प्रदीप सैनी (असिस्टेंट कमांडेंट) सहित अन्य अधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
इस अवसर पर कलेक्टर बालाघाट श्री मृणाल मीणा, पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट रेंज श्री संजय सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, पुलिस अधीक्षक बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक मंडला श्री रजत सकलेचा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 123 बटालियन सीआरपीएफ, 7वीं बटालियन, 148 बटालियन, 207 कोबरा बटालियन एवं जिला पुलिस के अधिकारी एवं जवानों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह के माध्यम से बालाघाट जिले के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि को पूरे सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया।




