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तीन दिन पुरानी करवाई बैठक की तस्वीर को मन की बात से जोड़कर किया प्रचार,भाजपा नेताओं की किरकिरी।

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तीन दिन पुरानी करवाई बैठक की तस्वीर को मन की बात से जोड़कर किया प्रचार,भाजपा नेताओं की किरकिरी।

पार्टी संगठन की आंखों में धूल झोंकने के चक्कर में अपनी ही चालाकी में फंसे भाजपा नेता,सोशल मीडिया ने खोली पोल

राजिम- भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता इस बार विपक्ष नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी और कार्यकर्ताओं को गुमराह करने के आरोपों में घिरते नजर आ रहे हैं। तीन दिन पहले किरवई में आयोजित एक बैठक की पुरानी तस्वीर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रचारित कर दिया गया।बताया जाता है कि पार्टी में सक्रियता और वाहवाही बटोरने की मंशा से कुछ नेताओं ने उक्त तस्वीर को मन की बात कार्यक्रम की झलक बताते हुए।भाजपा के ऑफिशियल फेसबुक पेज के लिए भेज दिया। हैरानी की बात यह रही कि बिना सत्यापन के वही तस्वीर भाजपा छत्तीसगढ़ के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी अपलोड हो गई।हालांकि यह मामला ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। सोशल मीडिया यूजर्स ने तारीख और अन्य तस्वीरों का मिलान किया।जिसके बाद सच्चाई सामने आ गई। देखते ही देखते यह प्रयास उलटा पड़ गया और पूरे जिले में भाजपा की किरकिरी होने लगी।सूत्रों के अनुसार संबंधित नेताओं को भरोसा था कि उनकी यह चालाकी पकड़ में नहीं आएगी और वे संगठन के सामने खुद को ज़मीन से जुड़ा, सक्रिय चेहरा साबित कर देंगे।लेकिन उसी दिन के वास्तविक ‘मन की बात’ कार्यक्रम की अन्य तस्वीरें वायरल होते ही उनकी कोशिश धरी की धरी रह गई।मिली जानकारी के मुताबिक,जिस दिन मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण हुआ।उसी दिन भाजपा जिला अध्यक्ष स्वयं भाजपा कार्यालय गरियाबंद में मौजूद थे। उन्होंने अपने निजी इंस्टाग्राम हैंडल पर कार्यक्रम की वास्तविक तस्वीर साझा की थी।जो व्हाट्सएप ग्रुपों में भी प्रसारित हुई।जैसे ही फेसबुक पर अपलोड की गई किरवई की पुरानी तस्वीर और जिला अध्यक्ष की साझा की गई असली तस्वीर को लोगों ने साथ देखा पूरा मामला उजागर हो गया।हालांकि किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया।लेकिन दबी जुबान में चर्चा तेज हो गई कि जब पार्टी के जिम्मेदार लोग ही संगठन को गुमराह करने की कोशिश करेंगे।तो इससे पार्टी की छवि और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।नाम न छापने की शर्त पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि जिस किरवई की तस्वीर को मन की बात से जोड़ा गया।वह सामान्य बैठक की नहीं थी। यह वही तस्वीर है।जब किरवई के बीएलए द्वारा एसआईआर को लेकर प्रदेश संगठन में की गई शिकायत के बाद फटकार मिलने पर भाजपा जिला अध्यक्ष,महामंत्री और मंत्री वहां पहुंचे थे।यही कारण है कि यह घटना क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के जेहन में पहले से दर्ज थी। जैसे ही वही तस्वीर भाजपा के फेसबुक पेज पर दिखाई दी कार्यकर्ताओं ने तंज कसना शुरू कर दिया और मामला चर्चा का विषय बन गया।गरियाबंद जिला में इस विषय को लेकर चर्चा का मौहाल हैं।इस मामले को लेकर भाजपा संगठन संभाग प्रभारी अखिलेश सोनी से मोबाइल से संपर्क किया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

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