पूर्व महिला आयोग सदस्य ने विजयराघवगढ़ TI पर लगाए गंभीर आरोप।

कटनी – जिले में खाकी और सत्ता के टकराव का एक बड़ा मामला सामने आया है। राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य और भाजपा की सक्रिय नेता सुनीता मोगेरिया ने विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी (TI) रितेश शर्मा के के ऊपर गंभीर आरोप लगाएं है। मोगेरिया ने टीआई पर गाली-गलौज, जातिगत अपमान और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए वीडियो एडिट कर बदनाम करने की धमकी देने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
*घटनाक्रम: 11 जनवरी की रात क्या हुआ?*
शिकायती पत्र के अनुसार, मामला 11 जनवरी 2026 की रात का है। सुनीता मोगेरिया अपने बीमार नाबालिग नाती के साथ बस (के.जी.एन. बस सर्विस) से कटनी से कैमोर जा रही थीं। आरोप है कि रात करीब 8:20 बजे विजयराघवगढ़ में TI रितेश शर्मा ने बस को रुकवाया और काफी देर तक यात्रियों को परेशान किया। जब मोगेरिया ने इस देरी का कारण पूछा, तो विवाद शुरू हो गया।
*आरोपों के मुख्य बिंदु:*
सुनीता मोगेरिया द्वारा प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
* *जातिगत अपमान और गाली-गलौज*: आरोप है कि टीआई ने सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिगत टिप्पणी की।
* *AI तकनीक से धमकी:* मोगेरिया का दावा है कि उनकी अनुमति के बिना वीडियो बनाया गया और विरोध करने पर टीआई ने धमकी दी कि वे AI तकनीक से वीडियो को एडिट कर उन्हें समाज में बदनाम कर देंगे।
* *झूठे केस की धमकी:* उन्हें और उनके परिवार को झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप है।
*”भीषण ठंड में एक बीमार बच्चे और महिला यात्रियों के साथ सार्वजनिक स्थल पर पुलिस का यह व्यवहार ‘तांडव’ जैसा था। वर्दी और सत्ता का ऐसा दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”*
— *सुनीता मोगेरिया,* पूर्व सदस्य, राज्य महिला आयोग
*प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम*
मोगेरिया ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी महिला IPS अधिकारी से कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए विजयराघवगढ़ चौराहे के CCTV फुटेज को तत्काल जब्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर दोषी अधिकारी के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के सामने धरने पर बैठेंगी।




