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प्रभारी आयुक्त हरसिमरनप्रीत कौर ने कटाएघाट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व लैब का किया औचक निरीक्षण।

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प्रभारी आयुक्त हरसिमरनप्रीत कौर ने कटाएघाट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व लैब का किया औचक निरीक्षण।

*रोजाना सैंपल जांच, लीकेज व प्रदूषण शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश*
कटनी – जिला पंचायत सीईओ एवं नगर निगम की प्रभारी आयुक्त हरसिमरनप्रीत कौर ने शनिवार प्रातः कटाएघाट स्थित जल शोधन संयंत्रों एवं पेयजल गुणवत्ता जांच हेतु स्थापित लैब का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली और लैब में की जा रही पानी की जांच प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय उपायुक्त शैलेश गुप्ता, सहायक यंत्री आदेश जैन, उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, केमिस्ट मानेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

*रोजाना जांच और क्रॉस वेरिफिकेशन के निर्देश*
प्रभारी आयुक्त ने लैब निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों से एकत्र किए गए पेयजल सैंपलों की जांच प्रक्रिया देखी और रोजाना सैंपल जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव और केमिस्ट मानेंद्र सिंह ने कंडक्टिविटी मीटर, जार टेस्टिंग, टीडीएस मीटर, पीएच मीटर, टर्बिडिटी मीटर सहित अन्य उपकरणों से की जाने वाली जांच की जानकारी दी।
गर्ग चौराहा से लिए गए पानी के सैंपल की टीडीएस जांच मानक के अनुरूप पाई गई। प्रभारी आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां के सैंपलों को लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी (PHE) विभाग की लैब में क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाए।

*शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई*
प्रभारी आयुक्त ने नगर में विभिन्न माध्यमों से की जा रही पेयजल आपूर्ति की जानकारी लेते हुए लीकेज, प्रदूषण अथवा जल आपूर्ति संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

*जल शोधन संयंत्रों का निरीक्षण*
निरीक्षण के दौरान प्रभारी आयुक्त ने कटाएघाट अमकुही स्थित 20 एमएलडी प्लांट तथा सुरम्य पार्क के समीप स्थित 9 एमएलडी जल शोधन संयंत्र का भी निरीक्षण किया। यहां तीनों फिल्टर यूनिट, ब्लीचिंग डोज, एयर कंप्रेसर मशीन, फिल्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी यूनिट्स और चैनलों का अवलोकन किया गया।
उन्होंने स्टॉक रजिस्टर देखकर एलम, लाइम, ब्लीचिंग पाउडर एवं अन्य सामग्री की दैनिक खपत की जानकारी ली और तकनीकी अमले को पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करते हुए शुद्ध पेयजल आपूर्ति निरंतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर निगम की यह कार्रवाई शहर में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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