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सातनारी लघु जलाशय का निर्माण कार्य प्रगति पर जून 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्‍य

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सातनारी लघु जलाशय का निर्माण कार्य प्रगति पर

जून 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्‍य

बालाघाट जिले की लामता तहसील के अंतर्गत ग्राम बुढि़यागांव के समीप स्‍थानीय नाले से बहने वाले पानी को रोककर सिंचाई के लिए उपयोग करने सातनारी जलाशय का निर्माण किया जा रहा है। इस जलाशय का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा गया है। कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना के मार्गदर्शन में वन विभाग एवं सिंचाई विभाग द्वारा नाला क्‍लोजर एवं नहर निर्माण के कार्य में आ रही बाधाओं को दूर कर इस कार्य को तेजी प्रदान की गई है। कलेक्‍टर द्वारा साप्‍ताहिक टीएल बैठक में इस जलाशय के निर्माण कार्य की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।

जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री यूएस परते ने बताया कि सातनारी जलाशय निर्माण के लिए वर्ष 1980 में 24 लाख 80 हजार रुपए की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई थी। इस योजना के बांध एवं नहर निर्माण कार्य में 53.40 हेक्‍टेयर वन भूमि प्रभावित होने एवं 1980 में वन संरक्षण अधिनियम के लागू होने के कारण योजना का निर्माण कार्य रोक दिया गया था। कृषकों की मांग एवं इस जलाशय की उपयोगिता को देखते हुए वर्ष 2021 में इस जलाशय के निर्माण के लिए 10 करोड़ 29 लाख 12 हजार रुपए की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है।

कलेक्‍टर द्वारा इस जलाशय एवं नहर के निर्माण में आ रही वन भूमि के एवज में ग्राम पाण्‍डेवाड़ा एवं कनारी में 73.36 हेक्‍टेयर राजस्‍व भूमि वन विभाग को हस्‍तांतरित की गई है। इस जलाशय की नहरों का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नाला क्‍लोजर का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस कार्य को जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा समय सीमा मे कार्य पूर्ण करने के लिए निर्माण कार्य की सतत निगरानी की जा रही है। अधीक्षण यंत्री श्री परते ने बताया कि इस जलाशय के बनने से बुढि़यागांव सहित 05 ग्रामों की 320 हेक्‍टेयर कृषि भूमि में फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्‍ध होगा और किसान रबी में भी फसलों की सिंचाई के लिए पानी ले सकेंगे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

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