गरियाबंद में काम बंद कलम बंद हड़ताल से प्रभावित हुआ सरकारी कामकाज।

तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन अधिकारी कर्मचारियों ने ने खोला मोर्चा
राजिम – छग प्रदेश अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले तीन दिवसीय कलम बंद हड़ताल गरियाबंद में भी शुरू हुई। मोदी की गारंटी लागू करने तीसरे चरण के फेडरेशन की हड़ताल का व्यापक असर सभी शासकीय कार्यालयों में देखने को मिला जहां अधिकारी कर्मचारियों ने कम बंद कर हड़ताल को अपना समर्थन दिया तथा नगर के गांधी मैदान में एकजुट होकर धरना दिया। फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ने धरना दिया और सरकार पर मोदी की गारंटी पूरी न करने का आरोप लगाते हुए वादाखिलाफी करने की बात कही। फेडरेशन ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मोदी की गारंटी पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने मोदी की गारंटी के तहत कर्मचारी-अधिकारियों की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन सरकार बने दो साल बीत जाने के बाद भी मांगों पर कोई ठोस पहल या चर्चा नहीं की गई। पदाधिकारियों ने इसे वादाखिलाफी बताते हुए कहा कि यह आंदोलन सरकार को उसका वादा याद दिलाने के लिए किया जा रहा है।फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है।तो राज्य फेडरेशन से चर्चा कर उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इस आंदोलन में जिले भर से हजारों की संख्या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए हैं।तीन दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर इस तीन दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।राजस्व कार्य,पंचायतों का कामकाज सहित अन्य शासकीय सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। वहीं जिला कार्यालय में भी हड़ताल का असर पड़ा है।जहां तीन दिनों तक कामकाज बंद रहेगी।
फेडरेशन की प्रमुख 11 सूत्रीय मांगे केंद्र सरकार के सामान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता DA लागू किया जाए। DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए। सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए। लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गो की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए। प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए। पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए। नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए। अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए। प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए। अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।दैनिक अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।हड़ताल में ये शामिल रहे।हड़ताल में प्रमुख रूप से एमआर खान जिला संयोजक जिला गरियाबंद,बसंत त्रिवेदी महासचिव अधिकारी कर्मचारी फैडरेशन जिला गरियाबंद, सचिव सुनील यादव ,मनोज खरे ब्लाक संयोजक, बसंत मिश्रा जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ,सुदामा ठाकुर, रामनारायण मिश्र शिक्षक संघ अनूप महाड़िक,बसंत वर्मा लघुवेतन कर्मचारी संघ, वन कर्मचारी संघ,गुलशन यादव पटवारी संघ, डी के पडौती आर एच ओ संघ, पिंटू साहू ,प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ चंद्रहास श्रीवास, लवकुमार साहू, भागवत साहू, गणेश देवांगन, तोरण साहू, डॉ नारायण राज, संजीव गुप्ता, मुकेश साहू, कृष्ण कुमार सोनी, मुरारी देवांगन,राजपत्रित अधिकारी संघ डॉ सत्यम कुम्भकार ,पुरन्दर वर्मा ,उमा शंकर साहू, लोकेश्वर साहू, रोशन साहू ,सपना मिश्रा ,,पुन्नी साहू जागेश्वरी ,काजल शर्मा प्रकाश गिधौड़े, डॉ ऐश्वर्य साहू सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।




